शनिवार, 8 अगस्त 2015

भस्त्रिका प्राणायाम Bhastrika Pranayam

दोनों नासिकाओं से लम्बा गहरा स्वास अंदर फेफड़ो में भरना व् बहार भी पूरी सहजता के साथ छोड़ना ही भस्त्रिका प्राणायाम कहलाता है एक बार का समय लगभग 3 सेकंड में लेना व् 3 सेकंड में छोड़ना।  प्राणायाम करते समय आँखे बंद रखे आवर मन में प्रत्येक स्वास - प्रस्वास के साथ ओम का मानसिक रूप से मनन करना आवर संकल्प करना चाहिए के ब्रह्माण्ड में विधमान दिव्या शक्तिया हर प्राण के साथ मेरे शरीर में प्रवेश कर रही है । इसी विचार से किया हुआ प्रणायाम विशेष लाभप्रद होता है । इस प्राणायाम को 3 से 5 मिनट चाहिए 

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